Ye Zaruri Toh Nahi- Hindi motivational poetry on life

by | Dec 10, 2019 | INSPIRATIONAL, LIFE | 0 comments

जीवन पर आधारित हिंदी प्रेरक कविता

ये जरुरी तो नहीं

हर तरफ उजाला हो ये जरुरी तो नहीं
मुझे धीमी रोशनी भी अच्छी लगती है
यहाँ हर कोई एक आरज़ू ओढ़े बैठा है
पर सबकी जरुरी हो ये जरुरी तो नहीं
मुझे कमियां भी अच्छी लगती है
मंज़िलें चूनने में गलतियाँ ना हो
इतना समझदार होना जरुरी तो नहीं
मुझे बेवकूफ़ियाँ भी अच्छी लगती है
है उसके पास जो ये उसका (भगवान) करम है
हर कर्म का मिले सिला ये जरुरी तो नहीं
मुझे उसकी ये रज़ा भी अच्छी लगती है
मैं इंसान हूँ गलतियों से बना

पर उसकी कोई माफी न हो ये जरुरी तो नहीं
मुझे थोड़ी शरमदारी भी अच्छी लगती है
उमर गुजरने के साथ तजुर्बा तो मिला बहुत
पर अब कोई और तजुर्बा ना हो ये जरुरी तो नहीं
मुझे नादानियां अब भी अच्छी लगती है

अर्चना की रचना “सिर्फ लफ्ज़ नहीं एहसास”

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