Hindi poetry

SENTIMENTS

Haye re Cheen Hindi poetry satire on pandemic

हिंदी कविता व्यंग्य  हाय रे चीन (कोरोना और चाइना ) हाय रे चीन  चैन लिया तूने  सबका छीन कुछ भी न बचा  तुझसे ऐसा  जो न खाया  तूने बीन बीन  हाय तू कैसा शौक़ीन  सारी  दुनिया को  दे के Covid 19  कर दिया तूने शक्तिहीन  जब वो रो रही  बिलख रही  तब तू बन ने चला  महा महीम हाय रे...

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Es baar A Hindi love poetry on sentiments

प्रेम में भावनाओं पर हिंदी कविता  इस बार  सोचती हूँ, क्या इस बार तुम्हारे आने पर पहले सा आलिंगन कर पाऊँगी या  तुम्हें इतने दिनों बाद देख ख़ुशी से झूम जाउंगी   चेहरे पे मुस्कान तो होगी पर क्या वो सामान्य होगी तुम्हें चाय का प्याला दे क्या एक...

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main to teri Holi A Hindi Love poetry On occasion of Holi

होली के अवसर पर एक प्रेम भरी हिंदी कविता  मैं तो तेरी होली... ओ रे पिया मैं तो तेरी होली तन मन धन सब वारा तुझपे तेरे पीछे मैंने अपनी सुद्बुध खो ली ओ रे पिया मैं तो तेरी होली   रूप श्रृंगार से रिझाया तुझको स्वाद से भी लुभाया तुझको पत्नी ,माँ,प्रेमिका और सेविका चारों...

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Khushboo A Hindi poetry based on memories

याद पर आधारित हिंदी कविता  खुशबू  कभी- कभी हवा अपने संग एक खुशबू उड़ा लाती है और उस से जुडी कोई याद दिला जाती है जेहन से जो हो गई थी कोसो दूर पर मन में कहीं दफ़न हो जाती है   कभी अचानक कुछ यूं होता है कोई पवन का झोंका जब हमें छूता है मन वर्त्तमान को लांघ उस खुशबू के...

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darakhvaast A hindi poetry on love

प्रेम पर आधारित हिंदी कविता  दरख्वास्त सुनो, मुझे अपना बना लो मन को तो लूभा चुके हो अब मुझे खुद में छुपा लो   हूँ बिखरी और बहुत झल्ली सी अपनी नज़रों में पगली सी पर तुम्हारी नज़रों से जब खुद को देखा लगने लगी भली भली सी सुनो, इन नज़रों में ता उम्र मुझको बसा लो सुनो, मुझे...

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matlab ki dhool A Hindi poetry Friends of benefits

मतलबी दोस्ती पर आधारित हिंदी कविता  मतलब की धूल वख्त की तेज़ धूप ने सब ज़ाहिर कर दिया है खरे सोने पर ऐसी बिखरी  की  उसकी चमक को काफ़ूर कर दिया है   जब तक दाना डालते रहे चिड़िया उन्हें चुगती रही हुए जब हाथ खाली तो उसकी चोंच ने ज़ख़्मी कर दिया है   जब तक मेज़बान थे घर में रौनक...

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kaha tak sath chaloge A Hindi poetry based on expectations in relationships

रिश्तों पर आधारित हिंदी कविता  कहाँ तक साथ चलोगे  सबसे जुदा हो कर पा तो लिए तुमको मैंने पर ये तो बोलो कहाँ तक साथ चलोगे ? न हो अगर कोई बंधन रस्मो और रिवाजों का क्या तब भी मेरा ही साथ चुनोगे बोलो कहाँ तक साथ चलोगे ?   एक धागे में पिरोई माला तक सिमित रहेगा प्यार...

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mera shringar tumse A Hindi poetry based on sentiments in love

प्रेम में स्त्री की भावना को दर्शाती हिंदी कविता  मेरा श्रृंगार तुमसे  दर्पण के सामने खड़ी होकर, जब भी खुद को सँवारती हूँ उस दर्पण में तुमको साथ देख,अचरज में पड़ जाती हूँ   शरमाकर कजरारी नज़रें नीचे झुक जाती हैं पर कनखियों से तुमको ही देखा करती हैं यूं आँखों ही आँखों में...

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shivanshi A Hindi poetry illustrating life of river and woman

नदी और स्त्री जीवन को दर्शाती हिंदी कविता  शिवांशी  मैं शिवांशी , जल की धार बन  शांत , निश्चल और धवल सी  शिव जटाओं से बह चली हूँ  अपने मार्ग खुद ढूँढती और बनाती आत्मबल से भरपूर  खुद अपना ही  साथ लिए  बह चली हूँ  कभी किसी कमंडल में  पूजन को ठहर गई हूँ  कभी नदिया बन...

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