Hindi poetry

LIFE

jaise kuch hua he nahi Hindi Motivational poetry on life

जीवन पर आधारित कविता शीर्षक -: जैसे कुछ हुआ ही नहीं  आज कल मैं यूं जी रहा  हूँ जैसे कुछ हुआ ही नहीं, बीते लम्हें दफना दिए हैं जैसे कुछ गुज़रा ही नहीं   हालातों की कैंची ऐसी चली के ख्वाब सारे उधड गए, पोटली बना ली थी कतरनों की  जोड़ लग के भी कुछ पूरा हुआ ही नहीं   मुख़्तसर...

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Tumahra intazar Hindi poetry on hope

आशा पर आधारित हिंदी कविता  तुम्हारा इंतजार    लहरें होकर अपने सागर से आज़ाद तेज़ दौड़ती हुई समुद्र तट को आती हैं , नहीं देखती जब सागर को पीछे आता तो घबरा कर सागर को लौट जाती हैं ,   कुछ ऐसा था मेरा प्यार खुद से ज्यादा था उसपे विश्वास, के मुझसे परे, जहाँ कही भी वो जायेगा...

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Tabeer classic Hindi poetry

जीवन पर हिंदी कविता  ताबीर  महज़ ख़्वाब देखने से उसकी ताबीर नहीं होती  ज़िन्दगी हादसों की मोहताज़ हुआ करती है .. बहुत कुछ दे कर, एक झटके में छीन  लेती है  कभी कभी बड़ी  बेरहम हुआ करती है ... नहीं चलता है किसी का बस इस पर  ये सिर्फ अपनी धुन में रहा करती है .. न इतराने देगी...

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arman classic Hindi poetry on life

हिंदी कविता    अरमान  अरमान जो सो गए थे , वो फिर से  जाग उठे हैं  जैसे अमावस की रात तो है , पर  तारे जगमगा उठे हैं...  बहुत चाहा कि इनसे नज़रें  फेर लूँ पर उनका क्या करूँ, जो खुद- ब - खुद मेरे दामन में आ सजे हैं .... नामुमकिन तो नहीं  पर अपनी किस्मत पे  मुझे शुभा सा...

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HASIL Hindi motivational poetry on life

जीवन पर आधारित प्रेरक कविता    हासिल  कभी - कभी बिन माँगें बहुत कुछ मिल जाता है  और कभी माँगा हुआ दरवाज़े पे दस्तक दे लौट जाता है  शायद इसी को ज़िन्दगी कहते हैं  सब्र का दामन थाम कर यहाँ हर कोई यूं ही जिये जाता है ...   मिले न मिले ये मुकद्दर उसका   फिर भी कोशिश करना...

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ajoobi bachpan Hindi poetry on childhood life

बचपन की यादों आधारित हिंदी कविता    अजूबी  बचपन  आज दिल फिर बच्चा होना चाहता है  बचपन की अजूबी कहानियों में खोना चाहता है    जीनी जो अलादिन की हर ख्वाहिश  मिनटों में पूरी कर देता था, उसे फिर क्या हुक्म मेरे आका   कहते देखना चाहता है  आज दिल फिर बच्चा होना चाहता है  ...

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mrit tehniyaan Hindi Inspirational poetry on life

जीवन पर प्रेरक हिंदी कविता  मृत  टहनियाँ वो टहनियाँ जो हरे भरे पेड़ों से लगे हो कर भी सूखी रह जाती है  जिनपे न बौर आती है  न पात आती है  आज उन  मृत टहनियों को  उस पेड़  से अलग कर दिया मैंने...   हरे पेड़ से लिपटे हो कर भी  वो सूखे जा रही थी  और इसी कुंठा में  उस पेड़ को...

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mere dard inspirational Hindi poetry on life

प्रेरक हिंदी कविता  मेरे दर्द  मेरे दर्द सिर्फ मेरे हैं  इन्हें अपनी आँखों का पता  क्यों दूँ तरसे और बरसे इन्हें अपने दर्दों  से  वो लगाव क्यों दूँ   मेरा अंधापन मेरी आँखों को  चुभता है  पर अपने लिए फैसलों पर  इसे रोने क्यों दूँ मेरे दर्द सिर्फ मेरे हैं  इन्हें अपनी...

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rukhsat Hindi poetry satire on life

जीवन पर आधारित हिंदी कविता  रुख्सत ये जो लोग मेरी मौत पर आज  चर्चा फरमा रहे  हैं ऊपर से अफ़सोस  जदा हैं  पर अन्दर से सिर्फ एक रस्म  निभा रहे हैं  मैं क्यों मरा  कैसे मरा क्या रहा कारन  मरने का  पूछ पूछ के बेवजह की फिक्र  जता रहे हैं   मैं अभी जिंदा हो जाऊँ तो कितने...

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